बहजोई- दस दिन तक चारों तरफ गणेशोत्सव की धूम के बाद,अन्नत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन बड़ी धूमधाम से किया गया।

सोनू वार्ष्णेय ।।संवाददाता।।

बहजोई (एनजीएक्स) हमारे पुराणों में ऐसा जिक्र है कि सुख,समृद्धि और विघ्नहर्ता भगवान गणपति को भाद्रपद माह की चतुर्थी तिथि पर जिसे गणेश चतुर्थी भी कहा जाता है, इस दिन मान्यता है कि भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था। भगवान गणेश सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले पूजे जाने वाले देवता हैं। इसके अलावा सभी तरह के शुभ कार्यों में भगवान गणेश की पूजा व स्मरण जरूर किया जाता है। क्योंकि ऐसी मान्यता है शुभ कार्य को करने से पहले अगर भगवान गणेश की पूजा की जाए तो कार्यों में बाधाएं नहीं आती और कार्य सफल होता है। पूरे विधि-विधान के साथ लोग पूजा करके गणपति जी को अपने घर पर स्थापित करते हैं और अनंत चतुर्दशी पर बाबा की प्रतिमा का जल में विसर्जन किया जाता है और इसके साथ इसका समापन हो जाता है।
आज नगर के भिन्न भिन्न मार्गों से बाबा की विसर्जन यात्रा निकाली गई जिसमें बच्चे ,बड़े,बूढ़े सभी लोग बाबा के जयजयकार के नारों के साथ थिरकते हुए आगे बढ़ रहे थे,अबीर,गुलाल व बाबा के गानों की चारों तरफ गूंज सुनाई दे रही थी,बहजोई कोतवाली निरीक्षक पंकज लवानिया के नेतृत्व में गणपति विसर्जन यात्रा शहर के ऊपर कोट,बर्तन बाजार सहित आदि मार्गों से होती हुई इस्लामनगर चौराहे पर संपन्न हुई,बाबा के विसर्जन यात्रा में यश कठेरिया, चिराग वार्ष्णेय,लक्ष्य कठेरिया,मयंक,योगेश कुमार व पूर्व चेयरमैन राजेश शंकर राजू सहित काफी लोग उपस्थित रहे। उसके बाद लोग अपने अपने वाहनों से बाबा की प्रतिमा को गंगा में विसर्जन के लिए निकल पड़े।

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